ट्रंप-मोदी का ट्रेड डील: 50% से 18% टैरिफ में कटौती! भारत के लिए क्यों बड़ी जीत है ये समझौता?

यह समझौता भारत-अमेरिका रिश्तों के सबसे निचले बिंदु से उबरने की कहानी है। दिसंबर 2025 में ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था क्योंकि भारत रूसी तेल खरीद रहा था। अब मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने, अमेरिकी सामान की खरीद बढ़ाने और भारतीय टैरिफ को शून्य करने की प्रतिबद्धता जताई है।

मुख्य बिंदु:

– अमेरिकी टैरिफ 50% → 18% (32% की कटौती)

– रूसी तेल खरीद पर अतिरिक्त 25% दंडात्मक टैरिफ भी हटाया गया

– भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 1.4% उछला

– 7 साल में सबसे बड़ी एकदिवसीय छलांग

– टेक्सटाइल, चमड़ा, बासमती चावल, खाद्य तेल निर्यातकों को सबसे ज्यादा फायदा

– ट्रंप का दावा: भारत अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर का सामान खरीदेगा

– मोदी ने रूसी तेल आयात बंद करने की बात कही (भारत सरकार ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की)

विरोधी पार्टियों की प्रतिक्रिया: कांग्रेस की प्रवक्ता ने पारदर्शिता की मांग की — “सरकार को बताना चाहिए कि कौन-कौन से सेक्टर्स को टैरिफ छूट मिली है।”

रूस की प्रतिक्रिया: रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा — “हमने भारत से तेल खरीद बंद करने की कोई सूचना नहीं सुनी है।”

समझौते का प्रभाव:

– भारत-अमेरिका व्यापार 2024 में 212.3 बिलियन डॉलर था (8% वृद्धि)

– भारत का निर्यात: 41.5 बिलियन डॉलर (3% वृद्धि)

– अमेरिका की सेवा निर्यात भारत को: 41.8 बिलियन डॉलर (16% वृद्धि)

यह समझौता सिर्फ फ्रेमवर्क है — विस्तृत कानूनी समझौते के लिए बातचीत जारी रहेगी। लेकिन यह भारत के लिए बड़ी राहत है क्योंकि यूरोपीय यूनियन ने पिछले सप्ताह भारत के साथ “मदर ऑफ ऑल डील्स” साइन किया था।

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